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पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल जिला यूनिट लुधियाना की ओर से बिजली कटों को लेकर रोष प्रदर्शन : सुनील मेहरा

पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल जिला यूनिट लुधियाना की ओर से बिजली कटों को लेकर रोष प्रदर्शन : सुनील मेहरा

पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल जिला यूनिट लुधियाना की ओर से बिजली कटों को लेकर रोष प्रदर्शन : सुनील मेहरा  लुधियाना 9 जुलाई (पी9 ब्यूरो) :  पंजा

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पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल जिला यूनिट लुधियाना की ओर से बिजली कटों को लेकर रोष प्रदर्शन : सुनील मेहरा 

लुधियाना 9 जुलाई (पी9 ब्यूरो) : 

पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल जिला यूनिट लुधियाना के पदाधिकारी बिजली कटों को लेकर रोष प्रदर्शन करते सुनील मेहरा , जनरल सैक्ट्री अश्विनी महाजन , शहरी प्रधान सरदार बलजीत सिंह एवं अन्य  

पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल जिला यूनिट लुधियाना की ओर से फील्ड गंज कूचा नंबर 9 में महासचिव सुनील मेहरा , जनरल सैक्ट्री अश्विनी महाजन , शहरी प्रधान सरदार बलजीत सिंह की अध्यक्षता में पंजाब में बिजली कटों को लेकर रोष प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के महासचिव सुनील मेहरा और शहरी प्रधान सरदार बलजीत सिंह ने कहा कि आज पंजाब में बिजली का ब्लैक आउट हो चुका है। पंजाब की आर्थिक तौर पर व्यापार और उद्योग की कमर तोड़ कर रख दी है। आज पंजाब को 15000 मेगावाट बिजली की सप्लाई चाहिए। पर पंजाब सरकार के पास 12500 मेगावाट बिजली है। पंजाब सरकार के 13000 मेगावाट से ऊपर ट्रांसमिशन ही काम नहीं कर रहे। पंजाब सरकार के बिजली उत्पादन के सभी प्लांट फेल हो चुके हैं। 2 महीने के लिए ही पंजाब सरकार के पास बिजली की कमी रहती है यह कमी फसलों की बिजाई के लिए किसानों को देने के लिए बिजली चाहिए। पर पंजाब सरकार ने किसानों को बिजली देने के लिए पहले से ही कोई इंतजाम नहीं किया हुआ है बिजली की कमी के कारण 80 प्रतिशत इंडस्ट्री पंजाब की बंद हो चुकी है  और 100% दुकानें भी 8 – 8 घंटे की बिजली कटौती के कारण बंद हो चुकी हैं। आज सरकार को बिजली उत्पादन के लिए ट्रांसमिशन लेने के लिए 500 करोड़ रूपये की जरूरत है। जिससे बिजली की ट्रांसमिशन लाईनें और बिजली का ट्रांसफार्मर ठीक हो सके। 8500 करोड़ की सब्सिडी पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन को देनी है वह भी सरकार के पास नहीं है। आज पंजाब के अंदर बिजली बेहाल हो चुकी है। पंजाब का व्यापार और उद्योग बर्बाद हो चुका है। जो पंजाब सरकार की ओर से दी जाने वाली बिजली की कीमत 7 रुपये यूनिट और घरों को 10 रूपये से लेकर 12 रूपये पढ़ती है वह अगर दुकानदार जनरेटर चलाते हैं तो उनको यह बिजली 20 रुपये से लेकर 21रूपये तक पड़ती है। पंजाब सरकार के सभी थर्मल प्लांट फेल हो चुके हैं। पंजाब सरकार ने पहले से ही बिजली को दुरुस्त करने के लिए थर्मल प्लांटों की तैयारी नहीं की गई। इससे  पंजाब की ट्रेड और इंडस्ट्री की पीठ में छुरा घोंपा है। इससे इंडस्ट्री और व्यापार को 1000 करोड़ का नुकसान हर रोज हो रहा है। पर लुधियाना में 1500000 लेबर 220000 इंडस्ट्री और ट्रेड दुकानदार ने पूरे पंजाब में 400000 दुकानदार है जो आज बर्बाद हो चुके हैं। सरकार की नीतियां दिल्ली और चंडीगढ़ के साथ लगी हुई है कोई बिजली मंत्री नहीं कोई पंजाब की जिम्मेवारी नहीं। इससे पंजाब को बर्बाद किया जा रहा है। यह जो पंजाब सरकार है वह 13000 मेगावाट से ऊपर बिजली की सप्लाई नहीं कर पा रही है। लेकिन बिजली की डिमांड 15000 मेगावाट से ऊपर की आ रही है। पर इसमें एक सवाल यह भी आता है कि पंजाब सरकार 13000 मेगावाट से ऊपर की सप्लाई के लिए क्यों नहीं आ रही और सरकार का डाटा यह कहता है कि पंजाब सरकार के जो अपने थर्मल प्लांट हैं वह 20% से ऊपर काम नहीं कर पा रहे हैं। बाकी 80 प्रतिशत बिजली प्राइवेट पावर प्लांट से ले रहे हैं। अब यह बात है की प्राइवेट पावर प्लांट से यह कितनी बिजली ले रहे हैं लेकिन पता चला है कि यह प्राइवेट पावर प्लांट से भी कम बिजली ले रहे हैं लेकिन पावर प्लांट का जो खर्चा होता है वह तो पंजाब सरकार से पूरा ले रहे हैं यह जो 14100 करोड रुपया हर साल का जो फिक्स चार्जेस है वह प्राइवेट पावर प्लांट को दे रहे हैं इसकी मार बिजली खपत कारों को पड़ रही है वह भी बिजली खपत कारों को 10 रुपये की भरपाई की जाती है। हाल यह है कि यह जो 10 रुपये बिजली खपतकारों को पढ़ रहे हैं वह खपत कार क्यों दें इसको सरकार को देना चाहिए। पंजाब सरकार ने जो कहा था कि पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन को सब्सिडी देंगे सरकार ने अपने दफ्तरों के पैसे भी अभी तक नहीं दिया इसे 2 से 3000 करोड़ रुपया बनता है पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन को जो सब्सिडी देनी है वह भी 2 से 3000 करोड रुपए बनती है। टोटल पंजाब सरकार ने पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन को 5 से 6000 करोड रुपैया देना है इसमें से पंजाब सरकार ने पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन को 500 करोड़ रुपिया दिया है सवाल यह है कि जब इनके पास कमपैसटी क्लियर करने के लिए प्रवीजन है तो यही उसको यूज क्यों नहीं कर रहे। स्टोरीओं 9:00 इंडस्ट्री पर पवन जी लगाई हुई है कि आप 50% से ऊपर बिजली की सप्लाई नहीं ले सकते अगर किसी ने 100 किलोवाट लोड ले रखा है तो वह 50% बिजली क्यों यूज़ करें। पर सिर्फ लुधियाना में ही 30 प्रतिशत बिजली की कटौती होती है।  इसके कारण लुधियाना की इंडस्ट्री को 300 करोड़ का  नुकसान पर है। पर जो छोटा व्यापारी है उसको हर रोज 35000 करोड का नुकसान है जब लोगों का काम ही नहीं हुआ तो वह क्या कमाएगा।

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