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निगम बजट : विकास पर खर्च होने वाला 14% भी कर्ज लेकर-प्रॉपर्टी बेच जुटाएंगे

निगम बजट : विकास पर खर्च होने वाला 14% भी कर्ज लेकर-प्रॉपर्टी बेच जुटाएंगे

निगम बजट : विकास पर खर्च होने वाला 14% भी कर्ज लेकर-प्रॉपर्टी बेच जुटाएंगे, बिल्डिंग फीस, सीएलयू, विज्ञापन कर बढ़ाने की बजाय 11 करोड़ घटाए 1064 कर

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निगम बजट : विकास पर खर्च होने वाला 14% भी कर्ज लेकर-प्रॉपर्टी बेच जुटाएंगे, बिल्डिंग फीस, सीएलयू, विज्ञापन कर बढ़ाने की बजाय 11 करोड़ घटाए

1064 करोड़ के बजट में विकास पर 55% दिखाए, उसमें रखरखाव के 433 करोड़ भी जोड़े

बिजली बिल चुकाने में जाएंगे 100 करोड़ रुपए

लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :

निगम ने बुधवार को 2021-22 के लिए 1064 करोड़ रुपए का बजट पास किया। इसमें मुलाजिमों और अमला खर्च पर 42.26% यानी 450 करोड़ रुपए रखे। 55.46% यानी 590 करोड़ रुपए बजट विकास और कमिटेड खर्च की मद में रखा है। मगर वास्तविकता ये है कि विकास के लिए दिखाए 55.46% बजट में 433 करोड़ रुपए कमिटेड खर्च यानी रखरखाव के भी जोड़ दिए गए।
इस लिहाज से अगर इसे विकास मद से हटा दिया जाए तो विकास के लिए सिर्फ 14.5% राशि यानी करीब 157 करोड़ रुपए ही शेष बचेंगे, जो 20 किमी. दायरे में फैले इस शहर के लिए नाकाफी है। यही नहीं आय के मद में 100 करोड़ कर्ज, 60 करोड़ जमीन बेचकर जुटाने का लक्ष्य है। इसी तरह जुटाए 160 करोड़ रुपए ही विकास पर खर्च होंगे। यानी 880 करोड़ रुपए तो मुलाजिमों के वेतन और रखरखाव में ही चले जाएंगे।
जनता के हिस्से 14.5% राशि आएगी, वह भी कर्ज-जमीन बेचकर आने वाली आय पर ही आश्रित होगी। यही नहीं सत्तापक्ष ने चुनावी साल को ध्यान में रख जनता को लुभाने के लिए आमदन जुटाने की बजाय जो रुटीन टैक्स विज्ञापन कर, नक्शा फीस और सीएलयू के पिछले साल के बजट में से भी 11 करोड़ की कटौती की है।
जनता पर वॉटर सप्लाई के पहले ही 350 करोड़ रुपए बकाया हैं, इसे देखते हुए नए साल के कनेक्शनों के लिहाज से पानी-सीरवेज आय को बढ़ाने की बजाय पिछले साल की तरह 90 करोड़ तक ही सीमित रखा है। कुल मिलाकर मंदहाली से गुजर रहे निगम की मजबूती की बजाय 100 करोड़ कर्ज लेकर और बोझ बढ़ाने की तैयारी है, जबकि निगम पर 200 करोड़ का कर्ज पहले से चढ़ा है। इसके सालाना 70 करोड़ चुकाने पड़ रहे हैं।

खुद मंदहाली से जूझ रहे, फिर भी घटाए आय के स्रोत, क्योंकि वोटां दा मामला ऐ…

विज्ञापन कर बजट 23 करोड़ से घटाकर 15 करोड़ कर दिया, 8 करोड़ का सीधा फायदा विज्ञापन कंपनियों को दिया।
बिल्डिंग फीस और रेगुलाइजेशन फीस 16 करोड़ से घटाकर 13 करोड़ की, 7 हजार अवैध निर्माणों को 3 करोड़ का सीधा फायदा।
डेवलपमेंट चार्ज और चेंज ऑफ लैंड यूज का बजट पिछले साल की तरह 20 करोड़ रुपए ही रखा, जबकि सीएलयू के 3 महीने में 6 हजार से ज्यादा नोटिस जारी हुए, आय बढ़ाने की बजाय सीमित की।
पानी-सीवरेज के 90 करोड़ बजट को पिछले साल की तरह रखा, जबकि 350 करोड़ पहले से वसूली बकाया है और अब इसे निजी हाथों में देने का प्रस्ताव पास हो चुका है।
सबसे अहम इलेक्ट्रिसिटी पर म्युनिसिपल टैक्स जो पिछले साल 65 करोड़ रखा, उसे इस साल 30 करोड़ कर दिया। इसके लिए तर्क दिया कि यह दो साल का था।
रेट और तहबाजारी में 10 करोड़ रुपए का बजट रखा है, जबकि अरबों रुपए की म्युनिसिपल जमीन जो स्कूल, कॉलेज, ट्रस्ट के पास लीज पर है, उसकी मियाद पूरी हो चुकी है, आय बढ़ाने की बजाय इसका प्रावधान ही नहीं रखा।

जनता को यह मिलेगा

नई सड़कों के लिए 40 करोड़, रिपेयर के लिए 16.50 करोड़।
गलियों-ड्रेनेज के लिए 35 करोड़ रुपए, रिपेयर के लिए 10 करोड़।
स्ट्रीट लाइट के लिए निगम बजट से 17 करोड़, स्मार्ट सिटी से 19 करोड़।
चांद सिनेमा पुल, जस्सियां रोड रेलवे अंडरब्रिज समेत अन्य की रिपेयर के लिए 20 करोड़।
नए पार्कों के लिए 7 करोड़, 6 करोड़ रुपए रिपेयर के लिए रखे।
स्लम एरिया के लिए 2 करोड़।
नए ट्यूबवेल के लिए 12 करोड़।
पब्लिक शौचालयों और लाइब्रेरी के लिए 3 करोड़ रुपए।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत कचरा प्रबंधन के लिए 125 करोड़ रुपए रखे।
50 गज के रिहायशी मकानों को नक्शा पास करवाने मे रियायत को मंजूरी
2009 से पहले की प्रॉपर्टी से चेंज ऑफ लैंड यूज न लेने का फैसला
नई मशीनरी खरीद के लिए 10 करोड़।

यहां से आएगा पैसा

जीएसटी से : 500 करोड़
प्रॉपर्टी टैक्स : 135 करोड़
इलेक्ट्रसिटी म्युनिसिपल टैक्स:30 करोड़
विज्ञापन कर : 15 करोड़
लाइसेंस फीस : 2.20 करोड़
रेंट, तहबाजारी : 10 करोड़
कंपोजीशन फीस : 40 करोड़
डेवलपमेंट चार्ज/सीएलयू : 20 करोड़
नक्शा फीस/रेगुलाइजेशन फीस :13 करोड़
सेल ऑफ प्रापर्टी : 60 करोड़
पानी-सीवरेज : 90 करोड़
एक्साइज ड्यूटी : 40 करोड़
कर्ज लेंगे : 100 करोड़

मेयर बलकार संधू  सीधी बात 

सीएलयू नोटिसों को लेकर लोग परेशान हैं, इस पर क्या फैसला लिया?
-अब 2009 से पहले की इमारतों से सीएलयू चार्ज नहीं लिया जाएगा
विज्ञापन कंपनी को 8 करोड़ की रियायत क्यों दी गई?
-सरकार की नोटिफिकेशन जारी हुई है, कोविड का दौर खत्म होने पर दोबारा तय चार्ज लिया जएगा।
विकास पर कितना खर्च होगा?
-175 करोड़ से सड़कों के टेंडर लग रहे हैं। आगे और कामों के टेंडर लगेंगे।
प्रोसेसिंग बंद होने के बावजूद सॉलिड वेस्ट को लेकर बजट क्यों रखा?
-अप्रैल की शुरुआती तारीखों में इसे लेकर तीन प्रकार के टेंडर लगाएंगे।

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