जगराओं में 2 एएसआई की हत्या का मामला : हत्या कर भागे 2 गैंगस्टर अरेस्ट, ग्वालियर से महाराष्ट्र भागने की तैयारी में थे जयपाल के कहने पर मोगा से

जगराओं में 2 एएसआई की हत्या का मामला : हत्या कर भागे 2 गैंगस्टर अरेस्ट, ग्वालियर से महाराष्ट्र भागने की तैयारी में थे
जयपाल के कहने पर मोगा से राजस्थान और फिर मध्यप्रदेश में हरचरण के पास पहुंचे थे दर्शन और बलजिंदर,परिवार से हुई काॅल के जरिए ट्रैप
लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) :
जगराओं में सीआईए स्टाफ के दो एएसआई की हत्या के मामले में मध्यप्रदेश से पकड़े गए ईनामी गैंगस्टर दर्शन सिंह और बलजिंदर सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। इससे साफ है कि हत्या के दिन ही वो सभी अलग-अलग हो गए थे। हालांकि पुलिस इन बातों की पुष्टि नहीं कर रही, क्योंकि सभी इस मामले में ओक्कू से मिल जांच कर रहे हैं। देर रात तक थाना सिटी जगराओं को चारों तरफ से घेरकर रखा गया। वहीं, अंदर आरोपियों से पूछताछ चल रही थी।
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद राजस्थान में जयपाल से मिले थे आरोपी, कहा- अब दोबारा नहीं मिलेंगे
सूत्रों के मुताबिक जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद आरोपी जगराओं से सीधा मोगा गए थे, जहां दर्शन और बलजिंदर को जयपाल ने उतार दिया। इसके बाद उन्हें कहा गया कि एक हफ्ते बाद वो राजस्थान में अपने ठिकाने पर मिलेंगे। तब तक दोनों आरोपी मोगा में अपने जानकारों से मिलने के बाद फरार हो गए और पंजाब से बाहर निकल गए थे।
21 मई को राजस्थान पहुंचे थे, जहां जयपाल उनसे मिला था, लेकिन तब उसके पास वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी नहीं थी और न ही जस्सी उसके साथ था। उनसे मिलकर उसने पंजाब से दूर रहने के लिए कहा था और ये भी कहा कि आज के बाद वो दोबारा नहीं मिलेंगे। वो दोनों हरचरण के पास मध्यप्रदेश चले जाएं। लिहाजा वो दोनों वहां से निकलकर मध्यप्रदेश पहुंच गए। उन्हें नहीं पता कि जयपाल कहां गया।
काॅल ट्रैप में फंसा दर्शन :
सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने लगातार दर्शन और बलजिंदर के रिश्तेदारों के काॅल ट्रैप पर लगाए हुए थे। दो दिन पहले दर्शन के एक रिश्तेदार के फोन पर मध्यप्रदेश के नंबर से काॅल आया था। ये काॅल आने के बाद नंबर बंद आने लगा। ओक्कू की टीम ने इस नंबर को ट्रैक किया तो वो मध्यप्रदेश का था और उसकी लोकेशन को खंगालते हुए हरचरण के घर पहुंच गए। जहां तीनों को काबू किया गया, लेकिन पुलिस इसे जानकारी के आधार पर हुई गिरफ्तारी बता रही है।
जयपाल का पक्का ठिकाना था एमपी
जांच में सामने आया है कि हरचरण आरोपियों का पिछले 15 साल से वाकिफ है, क्योंकि वो जेल में एक साथ बंद रहे थे। जयपाल ने लुधियाना में गिल रोड पर 32 किलो सोने की डकैती की थी तो उसके बाद भी वो मध्यप्रदेश में उसके पास आकर रुका था, हालांकि हरचरण को इसके बारे में नहीं पता था।
पुलिस छावनी बना थाना सिटी
ओक्कू की तरफ से तीनों आरोपियों को मोहाली ले जाने के बाद रात को दोबारा जगराओं लाया गया। पुलिस इन्हें लेकर थाना सिटी जगराओं में पहुंच गई। थाने से आधा किलोमीटर पहले ही नाकाबंदी कर दी गई और थाने को चारों तरफ से घेर लिया गया। देर रात तक वहां पूछताछ चलती रही।

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