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चोरी की गाड़ियों का बड़ा नेटवर्क क्रैक :

आरोपी के पास 3 पार्किंग ठेके, इनकी आड़ में ही चलाता था गाेरखधंधा

चोरी की गाड़ियों का बड़ा नेटवर्क क्रैक :

चोरी की गाड़ियों का बड़ा नेटवर्क क्रैक : दिल्ली से चुराई कारों पर लुधियाना की पार्किंग में कंडम गाड़ियों के इंजन चेसी नंबर लगा बेचने वाला मिक्की साहन

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चोरी की गाड़ियों का बड़ा नेटवर्क क्रैक : दिल्ली से चुराई कारों पर लुधियाना की पार्किंग में कंडम गाड़ियों के इंजन चेसी नंबर लगा बेचने वाला मिक्की साहनी गिरफ्तार

आरोपी के पास 3 पार्किंग ठेके, इनकी आड़ में ही चलाता था गाेरखधंधा, दूसरा साथी बीटेक पास अध्यापक

दिल्ली का युवक चुराता था गाड़ी, जालंधर का आरोपी बनाता था फर्जी दस्तावेज, दोनों फरार

लुधियाना : (पी9 ब्यूरो) : 

पुलिस लाइन में खड़ी आरोपियों से पकड़ी गई गाड़ियां। इन गाड़ियों पर इंजन चेसी नंबर बदलकर इन्हें बेचने का धंधा किया जा रहा था।

दिल्ली से गाड़ियां चोरी कर लुधियाना की पार्किंग में छिपाकर फर्जी नंबर लगा बेचने वाले शहर के पार्किंग ठेकेदार मिक्की साहनी और उसके साथी अमनदीप सिंह उर्फ अमन को सीआईए स्टाफ की टीम ने 1.50 करोड़ रुपए की 16 लग्जरी गाड़ियों के साथ गिरफ्तार कर लिया।
उनके दो साथी दिल्ली के रोहिन और जालंधर के लाडी की तलाश में रेड की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बड़ा नेटवर्क क्रेक किया है। इसकी परतें अभी खुलनी बाकी हैं। सीपी राकेश अग्रवाल, डीसीपी सिम्रतपाल सिंह ढींडसा, एडीसीपी क्राइम रूपिंदर कौर भट्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि सीआईए स्टाफ टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी चोरी की गाड़ियों का धंधा करते हैं।
इसी आधार पर अधिकारियों की टीम ने जांच शुरू की और दोनों को गिरफ्तार कर गाड़ियां बरामद कर ली। पुलिस के मुताबिक आरोपी शातिर हैं। उन्होंने सेंसर वाली गाड़ियां चुराने की भी ट्रेनिंग ले रखी है।

1.5 करोड़ की 16 लग्जरी गाड़ियां बरामद

3 फॉर्च्यूनर, 1 डस्टर, 2 वरना , 1 टोयेटा इटीयोस ,1 क्रेटा ,1 वोक्सवेगन वेंटो, 1 इनोवा ,1 बलेनो,
2 स्विफ्ट , 1 शैवेरलेट ऑपटरा , 1 आई10 ,1 ऑल्टो

पार्किंगों को बनाया चोरी की गाड़ियों को डंप करने का अड्डा, यहीं से होती थी सेल-परचेज

पुलिस के मुताबिक आरोपी मिक्की साहनी पेशेवर अपराधी है। उसका शहर में तीन पार्किंगों में हिस्सा है। इसमें किताब बाजार, सिविल अस्पताल और कचहरी परिसर शामिल है। उसने आरोपी अमन के साथ टाईअप किया, जोकि चोरी के मामले में पहले ही नामजद है। जबकि वो बीटेक करने के बाद टीचर की नौकरी कर रहा है।
अमन का लिंक दिल्ली के रोहिन और जालंधर के लाडी से था। आरोपी दिल्ली से गाड़ियां चुराते थे। इसके बाद गाड़ी को लाकर साहनी की पार्किंग में खड़ी कर देते थे। फिर आरोपी कबाड़ी और इंश्योरेंस कंपनी के साथ टाईअप करते थे। उनसे टोटल लाॅस गाड़ियों के दस्तावेज और डिटेल जुटा लेते थे।
इसके बाद कंडम गाड़ी की चेसी नंबर, इंजन नंबर और आरसी पर से नंबर बदल देते थे। फिर गाड़ी का ग्राहक ढूंढा जाता था, गाड़ी दिखाने और बेचने तक का सारा काम पार्किंग से ही होता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी पिछले सवा साल से धंधा कर रहे हैं। इसमें एक से डेढ़ करोड़ की गाड़ियां बेच चुके हैं।

अमन-रोहिन ने सेंसर वाली गाड़ियों को खोलने के लिए ले रखी थी ट्रेनिंग

पड़ताल में सामने आया है कि आरोपियों ने चंडीगढ़, यूपी और हरियाणा से भी कई गाड़ियां चुराई हैं। गाड़ी चुराने वाले अमन और रोहिन इतने माहिर है कि उनके पास मास्टर चाबी के साथ-साथ सेंसर वाली गाड़ियों को भी खोलने के तरीके हैं, क्योंकि उन्होंने इसकी ट्रेनिंग ली थी।
यही वजह थी कि वो आसानी से गाड़ियां चुरा लेते थे। जिस राज्य या जिले से वो गाड़ी चुराते थे, फिर तीन महीने तक वहां कोई वारदात नहीं करते थे। यही नहीं जिन गाड़ियों को वो बेचते थे, उनकी रकम हमेशा कैश लेते थे, ताकि ट्रांजेक्शन का शक न हो। हालांकि आरोपियों में खुद के खातों में आनलाइन काफी ट्रांजेक्शन हुई है।

पैसे के दम पर पुलिस से सेटिंग इसलिए कोई रोकने वाला नहीं

मिक्की साहनी पर अवैध वसूली, हत्या की कोशिश, धोखाधड़ी और मारपीट के बहुत से मामले हैं। इसमें कई में समझौते हो चुके हैं। ये समझौते भी आरोपी ने अपने पैसे के दम पर किए, क्योंकि कुछ अफसरों के साथ उसकी अच्छी सेटिंग है।
इस वजह से वो हर बार बचता आया है। जनवरी में एक अधिकारी ने आरोपी पर अवैध वसूली का पर्चा दर्ज करवाया था, लेकिन इसके बावजूद 18 जनवरी को आरोपी एक थाने में पुलिस अफसरों के सामने बैठकर चाय पी रहा था, लेकिन किसी ने उसे गिरफ्तार नहीं किया था, क्योंकि उसकी अच्छी सेटिंग थी।
साहनी ने अपनी शुरू जिम और सब्जी मंडी में पार्किंग के ठेके लेने से की थी। एक समय था, जब शहर की 90 फीसदी पार्किंग मिक्की के नाम पर थी, लेकिन अब कारोबार कम हो गया था। उसका ध्यान चोरी की गाड़ियों की डीलिंग में था।

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