चंडीगढ़ निगम चुनाव में आप की जीत पर बोले अरविंद केजरीवाल लोगों ने भ्रष्ट राजनीति को नकारा और ईमानदारी को चुना चंडीगढ़ निगम चुनाव रिजल्ट : 5 राज्यो
चंडीगढ़ निगम चुनाव में आप की जीत पर बोले अरविंद केजरीवाल लोगों ने भ्रष्ट राजनीति को नकारा और ईमानदारी को चुना
चंडीगढ़ निगम चुनाव रिजल्ट : 5 राज्यों के चुनाव से पहले बीजेपी की चुनौती बढ़ी, पंजाब में आप के ‘मुफ्त मॉडल’ को बूस्ट, कांग्रेस के हाथ निराशा
चंडीगढ़ : (पी9 ब्यूरो) :

चंडीगढ़ नगर निगम चुनावों में भाजपा को हार मिली है। सत्ता में रही भाजपा सिर्फ 12 सीटों पर सिमट कर रह गई। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा यानी 5 राज्यों में चुनाव से पहले भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक झटका है। खासकर, राजधानी होने की वजह से पंजाब के लिहाज से यह महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत है। जहां पहले ही भाजपा किसान आंदोलन के चलते चुनौतियों से जूझ रही है।
वहीं, पंजाब चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के लिए यह जीत बूस्ट साबित हो रही है। वजह यह है कि आप ने पहले चुनाव में ही चंडीगढ़ में धमाकेदार एंट्री कर ली है। इसमें केजरीवाल का बिजली-पानी मुफ्त वाला मॉडल चंडीगढ़ को पसंद आया है। इस जीत को आप पंजाब चुनावों में भुनाएगी। लगातार हार रही कांग्रेस के लिए यह परिणाम निराशाजनक हैं।
भाजपा की हार अहम इसलिए ….
चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश है। जहां बतौर प्रशासक गवर्नर का शासन चलता है। चंडीगढ़ से सांसद भी भाजपा की ही किरन खेर हैं। भाजपा शहरों में मजबूत मानी जाती है, इसके बावजूद चंडीगढ़ में शिकस्त मिली।
बीजेपी की हार की बड़ी वजह
हिमाचल उपचुनाव के बाद चंडीगढ़ में भी महंगाई के मुद्दे पर भाजपा को जूझना पड़ा। इससे पहले हिमाचल उपचुनाव में भाजपा को एक लोकसभा और 3 विधानसभा सीटों पर हार झेलनी पड़ी थी।
किसान आंदोलन का मुद्दा अब भी जिंदा है। चंडीगढ़ में 26 से बढ़ाकर 35 वार्ड बनाए गए। इसमें चंडीगढ़ से सटे ग्रामीण क्षेत्र निगम दायरे में आए। जहां भाजपा को हार झेलनी पड़ी। स्वच्छता सर्वेक्षण में चंडीगढ़ के 66वें स्थान पर आने से शहर की बदनामी देख लोग नाखुश थे। चंडीगढ़ में प्रशासक, सांसद और मेयर भाजपा से थे। इसके बावजूद कूड़े के पहाड़ का हल नहीं निकला। इसी मुद्दे को भुनाकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा को मात दे दी।
चंडीगढ़ से पंजाब को साधेगी आप
आम आदमी पार्टी अब चंडीगढ़ के चुनाव नतीजे से पंजाब को साधने की कोशिश करेगी। चंडीगढ़ में आप ने शहर को फिर से सबसे स्वच्छ बनाने और 20 हजार लीटर मुफ्त पानी का वादा किया। केजरीवाल सरकार का यही मॉडल पंजाब में भी चल रहा है। पंजाब में आप ने 300 यूनिट मुफ्त बिजली, हर महिला को प्रतिमाह एक हजार रुपए समेत कई तरह के वादे कर रही है। अगर चंडीगढ़ में इसी गवर्नेंस मॉडल पर मुहर लगी है तो पंजाब में भी इसका बड़ा असर दिखेगा। आप नेता कहने भी लगे हैं कि यह ट्रेलर है और असली कमाल पंजाब में होगा।
कांग्रेस के लिए मुश्किल
कांग्रेस के लिए चंडीगढ़ के चुनाव नतीजे से निसंदेह मुश्किल खड़ी होगी। इसकी बड़ी वजह यह है कि कांग्रेस लगातार हर चुनाव हारती जा रही है। चंडीगढ़ में भी कांग्रेस तीसरे नंबर पर रह गई। इस वजह से उन्हें 5 राज्यों के आगामी चुनाव में इस हार के सवालों का भी सामना करना पड़ेगा। पंजाब में भी कांग्रेस गुटबाजी की वजह से चुनौतियों से जूझ रही है। पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू, सीएम चरणजीत चन्नी और पूर्व प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ के गुटों में बंटी कांग्रेस के लिए दिक्कतें बढ़ने वाली हैं।

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