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एक महीने बाद खुले स्कूल : पहले दिन कुछ स्कूलों में दिखा उत्साह

एक महीने बाद खुले स्कूल : पहले दिन कुछ स्कूलों में दिखा उत्साह

एक महीने बाद खुले स्कूल : पहले दिन कुछ स्कूलों में दिखा उत्साह, अधिकतर में उपस्थिति रही कम, कई स्कूलों में तो बच्चे पहुंचे ही नहीं जालंधर : (पी9 ब

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एक महीने बाद खुले स्कूल : पहले दिन कुछ स्कूलों में दिखा उत्साह, अधिकतर में उपस्थिति रही कम, कई स्कूलों में तो बच्चे पहुंचे ही नहीं

जालंधर : (पी9 ब्यूरो) :

जालंधर के एक स्कूल में जाते बच्चे

कोरोना महामारी की तीसरी लहर को देखते हुए पिछले महीने पांच जनवरी को बंद किए गए स्कूल अब कुछ हालात सुधरते ही एक महीने के बाद खोल दिए गए हैं। स्कूल अभी छठी से लेकर जाम दो की कक्षाओं के लिए खोले गए हैं जबकि छोटी कक्षाओं को स्कूलों में चलाने पर अभी फैसला नहीं हुआ है। प्राथमिक स्कूल फिलहाल बंद ही रहेंगे। जिला जालंधर के माध्यमिक, उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में पहले दिन छात्र-छात्राओं की संख्या को लेकर मिला जुला ही असर देखने को मिला।
एक महीने बाद खुले स्कूलों में कई जगह बच्चों में खासा उत्साह देखा गया जबकि कुछ स्कूलों में तो स्ट्रेंथ न के बराबर ही देखी गई। कई स्कूलों में तो कोई बच्चा आया ही नहीं। वैसे भी जो आदेश जारी किए गए हैं उसमें बच्चों को आप्शन दी गई है कि यदि वह स्कूल नहीं भी आना चाहते तो वह घर पर ऑनलाइन पढ़ाई भी कर सकते हैं।
क्योंकि अभी तक कोरोना खत्म नहीं हुआ सिर्फ पॉजीटिविटी रेट और केस ही कम हुए हैं, इसलिए बहुत सारे अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से परहेज कर रहे हैं। जबकि ऐसे अभिभावक भी हैं जो कई दिनों से स्कूलों को खोले जाने के लिए उतावले थे और उन्होंने स्कूलों को शीघ्र खोले जाने के लिए अपना रोष भी जाहिर करना शुरू कर दिया था। कोरोना केसेस में कमी आने के बाद बहुत से राज्यों ने जहां एक फरवरी से स्कूल खोल दिए हैं, वहीं पंजाब समेत कई राज्यों दिल्ली, यूपी और बिहार ने आज से स्कूल खोले हैं।

कोविड व्यवहार का पालन करना होगा

बेशक सरकार ने चुनावी सीजन में स्कूल खोल दिए हैं लेकिन स्कूलों को सख्त हिदायतें दी हैं कि वह कोविड व्यवहार का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। कक्षाओं को सैनेटाइज करने के साथ-साथ बच्चों को स्कूल में मास्क लगाकर आने व क्लास रूम में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए कहा गया है। छात्र ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों में से कोई भी माध्यम चुन सकते हैं क्योंकि दोनों तरह की कक्षाएं चलती रहेंगी। सरकार ने यह भी हिदायत दी है कि स्कूल यह भी सुनिश्चित करें कि 15 से 18 साल के छात्र-छात्राओं को वैक्सीन लगी हो।

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